अजमेर। अजमेर शरीफ दरगाह के प्रमुख सैयद ज़ैनुल आबेदीन ने सोमवार को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच जारी टकराव को युद्ध नहीं कहा जा सकता, बल्कि यह तानाशाही का कृत्य है।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में आबेदीन ने अमेरिका पर अपने हितों के लिए वैश्विक नेतृत्व को प्रभावित करने और दबाव में लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।
आबेदीन ने हालिया अमेरिका-इज़राइल संयुक्त सैन्य अभियान में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे केवल ईरान के सर्वोच्च नेता ही नहीं थे, बल्कि दुनिया भर के शिया मुसलमानों के आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी थे।
उन्होंने कहा, “ईरान और इज़राइल के बीच जो कुछ हो रहा है, उसे युद्ध नहीं कहा जा सकता। इसे तानाशाही कहा जा सकता है। अमेरिका अपने हितों के लिए विश्व नेताओं को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा है। अयातुल्ला अली खामेनेई सिर्फ ईरान के सर्वोच्च नेता नहीं थे; वे विश्व भर के शिया मुसलमानों के नेता थे।”
आबेदीन के इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

