निवर्तमान शहर कांग्रेस अध्यक्ष (अल्पसंख्यक) बशीर उल हक़ रॉकी ने कहा कि गांधी और नेहरू परिवार को समझने के लिए केवल बातें काफी नहीं, बल्कि उनकी कुर्बानियों को जानना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस परिवार ने देश के लिए जो बलिदान दिए हैं, उन्हें समझने के लिए इतिहास पढ़ना पड़ेगा, क्योंकि जीवनभर जेलों में रहकर, देश के लिए शहादत देकर ही यह परिवार आजादी और राष्ट्रनिर्माण का प्रतीक बना।
रॉकी ने कहा कि आज के नेता जन्म–जन्मांतर तक भी गांधी परिवार का कर्ज नहीं चुका सकते। देश के 1.5 करोड़ से अधिक नागरिक जो आज राष्ट्रहित में कार्य कर रहे हैं, यह विरासत उन महापुरुषों और गांधी परिवार की ही देन है।
उन्होंने कहा कि देश में आज जो भी बड़ी इमारतें, सड़कें, एयरपोर्ट, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, संस्थान और आधुनिक ढाँचे दिखाई देते हैं, वे गांधी–नेहरू परिवार की दूरदर्शिता और त्याग का परिणाम हैं। देश का हर नागरिक उनके योगदान का ऋणी है।
रॉकी ने मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “बिकी हुई मीडिया” गांधी परिवार के इतिहास और त्याग को कभी सही रूप में नहीं दिखा सकती। उन्होंने कहा कि जब तक किसी परिवार का सदस्य देश के लिए जेल नहीं जाता, बलिदान नहीं देता, तब तक देशभक्ति का सही अर्थ समझ में नहीं आता।
अंत में उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने देश की तरक्की, जनता के अधिकारों और भारत की एकता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। इसलिए गांधी परिवार को समझने के लिए सबसे पहले दिल में देशभक्ति का जज़्बा होना जरूरी है।

