लखनऊ। राज्य में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण अभियान के तहत निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद उम्मीद पोर्टल पर दर्ज बड़ी संख्या में संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार सुन्नी वक्फ की 30,322 और शिया वक्फ की 2,060 संपत्तियों का पंजीकरण दस्तावेजी कमियों के कारण स्वीकार नहीं किया गया।
केंद्र सरकार ने 5 जून 2025 को देशभर की वक्फ संपत्तियों का विवरण उम्मीद पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया था। इसके लिए प्रारंभिक रूप से छह माह का समय दिया गया था। समय सीमा पूरी होने के बाद उत्तर प्रदेश के सुन्नी और शिया केंद्रीय वक्फ बोर्ड ने वक्फ न्यायालय में अतिरिक्त समय की मांग की थी। न्यायालय ने राहत देते हुए 5 जून 2026 तक का समय प्रदान किया।
निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद पोर्टल बंद कर दिया गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार सुन्नी वक्फ की कुल 1,03,542 संपत्तियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया गया था, लेकिन जांच के दौरान 30,322 प्रविष्टियां दस्तावेजी त्रुटियों या अपूर्ण जानकारी के कारण निरस्त कर दी गईं।
मुख्य आंकड़े
| सुन्नी वक्फ अपलोड संपत्तियां | 1,03,542 |
|---|---|
| सुन्नी वक्फ निरस्त प्रविष्टियां | 30,322 |
| शिया वक्फ निरस्त प्रविष्टियां | 2,060 |
अब जिन संपत्तियों का पंजीकरण निरस्त हुआ है, उनके मुतवल्लियों के सामने कानूनी रास्ता अपनाने की चुनौती है। जानकारों का कहना है कि प्रभावित पक्ष उच्च न्यायालय से अतिरिक्त समय या अन्य राहत की मांग कर सकते हैं। यदि अदालत से राहत नहीं मिलती, तो प्रशासन राजस्व नियमों के तहत आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है।
यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में अद्यतन करने की प्रक्रिया को सरकार पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन से जोड़कर देख रही है।
— टाइम्स ऑफ ताज ब्यूरो

