लखनऊ। उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद ने आज अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर वर्ष 2026 की मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) और आलिम (सीनियर सेकेंडरी) परीक्षाओं का वार्षिक परिणाम घोषित कर दिया। इस बार का रिजल्ट कई मायनों में खास रहा, क्योंकि प्रदेश सरकार के सख्त और आधुनिक परीक्षा सुधारों के बीच आयोजित परीक्षाओं में विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया।
इस वर्ष कुल 80,933 पंजीकृत छात्र-छात्राओं ने परीक्षा में हिस्सा लिया, जिनमें से 55,788 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए। कुल पास प्रतिशत 88.26% दर्ज किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर माना जा रहा है।
लेकिन इस बार के नतीजों की सबसे बड़ी और प्रेरणादायक तस्वीर बेटियों की ऐतिहासिक सफलता रही। छात्राओं ने न सिर्फ शानदार प्रदर्शन किया बल्कि सफलता प्रतिशत में लड़कों को काफी पीछे छोड़ दिया।
आंकड़ों के अनुसार, इस साल कुल 29,229 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं, जिनमें से रिकॉर्ड 94.30% छात्राएं सफल रहीं। वहीं दूसरी ओर लड़कों की संख्या अधिक होने के बावजूद उनका पास प्रतिशत 85.13% पर सिमट गया। लड़कों में कुल 26,559 छात्र परीक्षा में उत्तीर्ण हुए।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिणाम प्रदेश में मुस्लिम समाज के भीतर बढ़ती शैक्षिक जागरूकता और बेटियों की शिक्षा के प्रति सकारात्मक बदलाव का संकेत है। मदरसों में आधुनिक शिक्षा, डिजिटल निगरानी और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था का असर भी इस बार साफ दिखाई दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, छात्राओं की यह सफलता केवल परीक्षा परिणाम नहीं बल्कि समाज में बदलती सोच और शिक्षा के बढ़ते महत्व की मजबूत तस्वीर पेश करती है। बेटियां अब हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं और मदरसा शिक्षा भी इस बदलाव का अहम हिस्सा बनती जा रही है।

