नई दिल्ली। आपने ट्रेन से सफर तो जरूर किया होगा, लेकिन क्या कभी ध्यान दिया है कि ट्रेन के आखिरी डिब्बे के पीछे पीले या सफेद रंग का ‘X’ निशान बना होता है? यह छोटा सा दिखने वाला संकेत दरअसल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा बेहद अहम संकेत है।
क्या होता है ‘X’ निशान का मतलब?
भारतीय रेल के नियमों के अनुसार, ट्रेन के अंतिम डिब्बे पर बना ‘X’ इस बात का संकेत होता है कि पूरी ट्रेन सुरक्षित रूप से स्टेशन से गुजर चुकी है।
आसान शब्दों में कहें तो यह एक तरह का सुरक्षा प्रमाण है, जिससे स्टेशन मास्टर और रेलवे कर्मचारी यह सुनिश्चित करते हैं कि ट्रेन का कोई भी डिब्बा रास्ते में अलग नहीं हुआ है।
अगर किसी ट्रेन के आखिरी कोच पर ‘X’ दिखाई नहीं देता, तो इसे तुरंत खतरे का संकेत माना जाता है और रेलवे अलर्ट हो जाता है।

रात और कोहरे में कैसे मिलती है पहचान?
दिन में ‘X’ का निशान साफ दिख जाता है, लेकिन रात या घने कोहरे में पहचान के लिए खास इंतजाम किए जाते हैं।
- आखिरी डिब्बे पर ‘X’ के नीचे लाल रंग की LED लाइट लगाई जाती है
- यह लाइट लगातार झपकती रहती है
- इससे रेल कर्मचारी दूर से ही पहचान लेते हैं कि यह ट्रेन का अंतिम हिस्सा है
‘LV’ बोर्ड का क्या है मतलब?
‘X’ के साथ अक्सर एक पीले रंग का बोर्ड भी लगा होता है, जिस पर ‘LV’ लिखा होता है।
- ‘LV’ का पूरा मतलब है Last Vehicle
- यह भी इस बात का संकेत है कि यह ट्रेन का आखिरी डिब्बा है
- नियम के अनुसार, हर ट्रेन में यह बोर्ड होना अनिवार्य होता है
अगर ‘X’ या ‘LV’ न दिखे तो क्या होगा?
अगर किसी स्टेशन से गुजरती ट्रेन के आखिरी डिब्बे पर न ‘X’ हो, न ‘LV’ बोर्ड और न ही ब्लिंकिंग लाइट, तो यह आपात स्थिति मानी जाती है।
इसका मतलब हो सकता है कि ट्रेन के कुछ डिब्बे रास्ते में ही अलग होकर ट्रैक पर छूट गए हैं। ऐसी स्थिति में रेलवे तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रेन संचालन को रोककर जांच शुरू करता है।
👉 कुल मिलाकर, ट्रेन के पीछे बना ‘X’ निशान छोटा जरूर है, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा में इसकी भूमिका बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण है।

