आगरा। बजरंग वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अवतार सिंह गिल ने आगरा मंडल में खाद्य विभाग द्वारा कराई गई टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और संभावित मिलीभगत को लेकर मंडलायुक्त आगरा को शिकायत पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी जनपदों में खाद्य विभाग द्वारा संचालित टेंडर प्रक्रिया में कई स्थानों पर एक समान पैटर्न देखने को मिला है। आरोप है कि अधिकांश ब्लॉकों में केवल तीन-तीन टेंडर प्राप्त हुए, जिससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह स्थिति टेंडर प्रक्रिया में संभावित मिलीभगत की ओर संकेत करती है और इससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।
अवतार सिंह गिल ने मंडलायुक्त को भेजे पत्र में मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और अन्य दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। साथ ही कुछ विभागीय सूत्रों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर संदेह व्यक्त किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और उनकी सत्यता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बजरंग वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन की नीति को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक है कि टेंडर प्रक्रिया की गहन जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
फिलहाल इस मामले में खाद्य विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाहें मंडलायुक्त कार्यालय द्वारा की जाने वाली संभावित जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

