लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों के बीच पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह भी संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। जांच में उनके स्वाइन फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ स्थित सरकारी आवास में आइसोलेशन में रखा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और उनमें हल्के लक्षण हैं।
बुधवार सुबह किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की डॉक्टरों की टीम मंत्री के सरकारी आवास पर पहुंची और उनकी स्वास्थ्य जांच की। डॉक्टरों ने फिलहाल घर पर ही इलाज और मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है।
KGMU में हुई जांच
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक, बुखार की शिकायत के बाद मंत्री जयवीर सिंह के सैंपल की जांच कराई गई थी। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में हुई जांच में इन्फ्लुएंजा एच1एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई।
मंत्री ने मंगलवार सुबह KGMU की पैथोलॉजी में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए सैंपल दिया था। इससे पहले उनकी मलेरिया की जांच भी कराई गई थी, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। इसके बाद H1N1 की जांच पॉजिटिव पाई गई।
डॉक्टरों के अनुसार मंत्री पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थे। कुछ समय पहले वह फिरोजाबाद भी गए थे। संक्रमण की पुष्टि के बाद उनके परिवार के सदस्यों और निजी स्टाफ की भी कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कराई जा रही है और आवश्यकतानुसार सैंपल लिए जा रहे हैं।
प्रदेश में स्वाइन फ्लू से तीन मौतें
उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। अब तक संक्रमण के चलते तीन लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। इनमें फिरोजाबाद के 69 वर्षीय कारोबारी और बदायूं की एक बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं।
फिरोजाबाद के कारोबारी करीब एक साल से किडनी की बीमारी से पीड़ित बताए जा रहे थे। वह रविवार को जयपुर से इलाज कराकर लौटे थे। घर पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें रात करीब नौ बजे राजकीय मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर लाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई गई।
स्वाइन फ्लू से प्रदेश में पहली मौत लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में होने की जानकारी सामने आई थी। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग संक्रमण की रोकथाम और मरीजों की निगरानी के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है।
फिलहाल मंत्री जयवीर सिंह की हालत स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार घर पर ही चल रहा है।
