योगी कैबिनेट ने संशोधित प्रस्ताव को दी मंजूरी
योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई प्रदेश कैबिनेट बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीकरण अधिनियम-1969 में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। नए नियमों के तहत अब जन्म और मृत्यु पंजीकरण में देरी करने पर पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा।
सरकार द्वारा किए गए संशोधन के अनुसार, जन्म या मृत्यु के 21 दिन के बाद पंजीकरण कराने पर विलंब शुल्क बढ़ा दिया गया है। अब 21 से 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर दो रुपये की जगह 20 रुपये शुल्क देना होगा। वहीं 30 दिन से एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने पर पांच रुपये के बजाय 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति एक वर्ष के बाद जन्म या मृत्यु का पंजीकरण कराता है, तो उसे अब 10 रुपये की जगह 100 रुपये का शुल्क अदा करना होगा। साथ ही एक वर्ष से अधिक देरी होने पर संबंधित व्यक्ति को जिला मजिस्ट्रेट या एसडीएम से अनुमति भी प्राप्त करनी होगी।
प्रदेश सरकार का मानना है कि इस संशोधन से जन्म और मृत्यु के समय पर पंजीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी अभिलेखों को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा। नए नियम लागू होने के बाद आम लोगों को समयसीमा के भीतर पंजीकरण कराने के लिए जागरूक किया जाएगा।

