कार्तिकेय जन्म और गणेश जन्मोत्सव प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
आगरा। महाराजा अग्रसेन भवन, लोहा मंडी में शिव परिवार संस्था द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस गुरुवार को कथा स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और दिव्यता का अनुपम दृश्य देखने को मिला। कथा से पूर्व प्रातः आयोजित गोपाल सहस्त्रनाम, तुलसी अर्चन एवं पूजन में 251 जोड़ों ने सहभागिता कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु अपने-अपने घरों से लड्डू गोपाल विग्रह को सुसज्जित स्वरूप में लेकर पहुंचे, जिससे पूरा परिसर मानो वृंदावन की दिव्यता से आलोकित हो उठा।
आचार्य विष्णु कांत शास्त्री एवं मृदुल कांत शास्त्री के मार्गदर्शन में 11 ब्राह्मणों के सानिध्य में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को फूलों, वस्त्रों और आभूषणों से सजाकर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पूजन किया। वैदिक मंत्रोच्चार, गोपाल सहस्त्रनाम पाठ और तुलसी अर्चन के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे दिखाई दिए। कथा स्थल पर एक साथ विराजमान सैकड़ों लड्डू गोपाल विग्रह श्रद्धा और सनातन संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेर रहे थे। तुलसी पूजन और श्रीकृष्ण नाम संकीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
मुख्य यजमान छोटेलाल बंसल एवं कांता बंसल ने विधिवत पूजन कर आयोजन की मंगलकामना की। शिव परिवार संस्था के सदस्य अखिल मोहन मित्तल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत वर्षभर के विभिन्न धार्मिक उत्सव कथा के साथ मनाए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालुओं को अनेक पर्वों का पुण्य लाभ प्राप्त हो रहा है।
सायंकाल आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में कथा व्यास मृदुल कांत शास्त्री ने कार्तिकेय जन्म एवं गणेश जन्मोत्सव प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक और मंगल के प्रतीक हैं, जबकि भगवान कार्तिकेय साहस, शौर्य और धर्म रक्षा के देवता माने जाते हैं। दोनों स्वरूप यह संदेश देते हैं कि जीवन में ज्ञान और शक्ति का संतुलन आवश्यक है।
मृदुल कांत शास्त्री ने गणेश जन्मोत्सव प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान गणेश की प्रथम पूजा का विधान हमें यह सिखाता है कि किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत विनम्रता, श्रद्धा और मंगल भाव से करनी चाहिए। वहीं कार्तिकेय जन्म प्रसंग से धर्म, साहस और कर्तव्य पालन की प्रेरणा मिलती है।

कथा के दौरान भगवान गणेश और कार्तिकेय की आकर्षक झांकियां सजाई गईं। श्रद्धालुओं ने मंगल गीतों, भजनों और जयघोषों के बीच उत्सव में सहभागिता कर धर्म लाभ अर्जित किया। कथा स्थल पर देर रात तक भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर प्रशांत मित्तल, जितेंद्र गोयल, गौरव मित्तल, सुनील गोयल, राकेश अग्रवाल, महावीर प्रसाद मंगल, अंजना अग्रवाल, सीमा गोयल, अमीषा अग्रवाल, नीरज अग्रवाल, सलिल गोयल, आशीष अग्रवाल, दीपांशु अग्रवाल, अश्विनी बंसल, आकाश अग्रवाल, अनुरंजन सिंघल, वीरेंद्र सिंघल, निखिल गर्ग, महेश गोयल, जितेंद्र जैन, अनूप अग्रवाल, मुकेश गोयल, मनोज अग्रवाल, सरजू बंसल, छुट्टन जैन आदि ने व्यवस्था संभाली।

