मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने फैसले को बताया सांप्रदायिक सौहार्द की दिशा में सकारात्मक कदम
नई दिल्ली। Himanta Biswa Sarma असम के कई जिलों की मस्जिद समितियों ने आगामी 28 मई को मनाई जाने वाली बकरीद के अवसर पर गाय की कुर्बानी नहीं करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे स्वैच्छिक और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाला कदम बताया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय बहुसंख्यक समुदाय की भावनाओं का सम्मान करता है और समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर विभिन्न क्षेत्रों से जारी अपीलों की खबरें साझा करते हुए उम्मीद जताई कि अन्य समितियां भी इसी प्रकार की पहल करेंगी।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब धुबरी के पूर्व विधायक Ali Akbar Miah अली अकबर मियां को सोशल मीडिया पर कथित विवादित पोस्ट साझा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने कुर्बानी में प्रशासनिक हस्तक्षेप होने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि मस्जिद समितियों द्वारा की गई अपील केवल कानूनी दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक समझदारी का भी परिचायक है। उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले राज्य में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने में सहायक साबित होंगे।
गौरतलब है कि असम में Assam Cattle Preservation Act 2021 असम मवेशी संरक्षण अधिनियम 2021 लागू है। इस कानून के तहत गोवंश के वध, परिवहन और गोमांस व्यापार को लेकर कई प्रतिबंध और सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। कानून में मवेशियों के वध के लिए अनुमति लेना अनिवार्य है तथा अवैध परिवहन पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
राज्य में मस्जिद समितियों की इस पहल को सामाजिक सौहार्द और संवेदनशीलता के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

