मुरादाबाद। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मुरादाबाद जिले की ठाकुरद्वारा विधानसभा में विशाल जनसभा को संबोधित किया। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने के बाद ठाकुरद्वारा क्षेत्र में उनका यह पहला बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम माना जा रहा है, जिसे आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
जनसभा का आयोजन ठाकुरद्वारा के पूर्व विधायक विजय यादव द्वारा किया गया था। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार, सभा में लगभग 15 हजार लोगों की भागीदारी रही, जिससे क्षेत्र में रालोद की बढ़ती सक्रियता का संकेत मिला है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जयंत चौधरी का ठाकुरद्वारा दौरा एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। ठाकुरद्वारा विधानसभा सीट लंबे समय से समाजवादी पार्टी का मजबूत क्षेत्र मानी जाती रही है। ऐसे में रालोद और भाजपा गठबंधन का यहां सक्रिय होना आने वाले चुनावी समीकरणों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
सभा को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने किसानों, युवाओं और रोजगार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास, किसानों की समस्याओं के समाधान और युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए उनकी पार्टी लगातार प्रयासरत है। उन्होंने चौधरी चरण सिंह की विचारधारा का उल्लेख करते हुए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की बात कही।
इस कार्यक्रम में पूर्व विधायक विजय यादव की भूमिका भी चर्चा का विषय रही। राजनीतिक पर्यवेक्षकों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने उनके क्षेत्रीय प्रभाव को भी प्रदर्शित किया है। माना जा रहा है कि इस शक्ति प्रदर्शन के बाद ठाकुरद्वारा के साथ-साथ कांठ और मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों की राजनीति में भी नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
रालोद की इस सक्रियता के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी अपने पारंपरिक गढ़ को बरकरार रख पाएगी या फिर एनडीए गठबंधन यहां नई राजनीतिक जमीन तैयार करने में सफल होगा। फिलहाल जयंत चौधरी की यह जनसभा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।

