नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अपेक्षा से कमजोर प्रदर्शन और पार्टी के भीतर बढ़ती असंतोष की लहर के बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख Mamata Banerjee ने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी में उभरते असंतोष और नेताओं की नाराजगी को देखते हुए ममता बनर्जी ने संगठनात्मक ढांचे में व्यापक फेरबदल का फैसला लिया है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee की भूमिका और अधिकारों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब तक संगठन में सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने वाले अभिषेक बनर्जी को अपनी जिम्मेदारियां अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ साझा करनी होंगी।
पार्टी नेतृत्व ने वरिष्ठ सांसद Derek O’Brien और Dola Sen को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी देकर संगठन में शक्ति संतुलन स्थापित करने की कोशिश की है। इस कदम को पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
अभिषेक की कार्यशैली पर उठे सवाल
टीएमसी के अंदर लंबे समय से कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं में अभिषेक बनर्जी की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी बताई जा रही थी। कई नेताओं का मानना था कि संगठन में निर्णय लेने की प्रक्रिया अत्यधिक केंद्रीकृत हो गई है, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा हो रही है। हाल के दिनों में यही असंतोष खुलकर सामने आया और कई स्तरों पर बगावती तेवर देखने को मिले।
ममता के सामने संगठन को बचाए रखने की चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान संकट सीधे तौर पर ममता बनर्जी के नेतृत्व पर नहीं, बल्कि संगठन के संचालन को लेकर उठे सवालों से जुड़ा है। ऐसे में ममता बनर्जी ने खुद मोर्चा संभालते हुए संगठन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है, ताकि पार्टी में एकजुटता बनी रहे और असंतुष्ट नेताओं को साथ लेकर चला जा सके।
आगामी चुनावों से पहले बड़ा संदेश
टीएमसी नेतृत्व का मानना है कि संगठनात्मक बदलावों से पार्टी के भीतर समन्वय बढ़ेगा और कार्यकर्ताओं का भरोसा मजबूत होगा। आगामी राजनीतिक चुनौतियों और चुनावी मुकाबलों को देखते हुए ममता बनर्जी का यह कदम पार्टी में अनुशासन, संतुलन और एकजुटता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी के भीतर चल रही हलचल के बीच एक बात साफ है कि ममता बनर्जी अब संगठन की कमान सीधे अपने हाथों में लेकर टीएमसी को नए सिरे से मजबूत करने की कोशिश में जुट गई हैं।

