सपा प्रमुख का दावा- भाजपा विधायक जनता के आक्रोश को समझ चुके हैं, पीडीए के सामने जीत की उम्मीद नहीं
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को अपने लगभग 225 विधायकों के टिकट बदलने पड़ सकते हैं। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर भाजपा सरकार और उसके विधायकों पर तीखा हमला बोला।
अखिलेश यादव ने लिखा कि उन्हें सूचना मिली है कि प्रयागराज (इलाहाबाद) की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा अपने उम्मीदवार बदलने की तैयारी कर रही है। उनके अनुसार भाजपा का मानना है कि वर्तमान विधायक जनता के बीच काम करने के बजाय केवल निजी हितों में लगे रहे, जिसके कारण लोकसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।
सपा प्रमुख ने कहा कि यही फार्मूला उन 43 लोकसभा क्षेत्रों की विधानसभा सीटों पर भी लागू किया जा रहा है, जहां इंडिया गठबंधन को जीत मिली थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ सीटों पर भाजपा ने “वोट से नहीं बल्कि सर्टिफिकेट से जीत” हासिल की थी। इस आधार पर उन्होंने अनुमान जताया कि प्रदेश की लगभग 225 विधानसभा सीटों पर भाजपा उम्मीदवार बदल सकती है।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) से औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल नंदी की जिम्मेदारी वापस लिए जाने के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जब कथित तौर पर “घटिया एक्सप्रेसवे” बन गए और भ्रष्टाचार का लक्ष्य पूरा हो गया, तब जिम्मेदारी वापस लेने का कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।
सपा अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि भाजपा के कई वर्तमान विधायक स्वयं भी अगला चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं, क्योंकि उन्हें पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की राजनीति के सामने अपनी जीत की संभावना कमजोर दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का पारंपरिक वोट बैंक भी लगातार घट रहा है और विधायक अपनी कमाई चुनाव में खर्च करने से बचना चाहते हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता के बीच भाजपा के प्रति नाराजगी बढ़ी है और उसके विधायक भी इस आक्रोश को भलीभांति समझ चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

