आगरा। सिकंदरा स्थित मस्जिद नहर वाली में जुमे के ख़ुत्बे के दौरान ख़तीब मुहम्मद इक़बाल ने कहा कि अल्लाह तआला के निज़ाम के तहत हर इंसान की पूरी जिंदगी के हर पल की निगरानी और रिकॉर्डिंग हो रही है। उन्होंने कहा कि क़यामत के दिन इंसान के सामने उसके जीवन का पूरा रिकॉर्ड पेश कर दिया जाएगा और वह अपने किसी भी अमल से इंकार नहीं कर सकेगा।
ख़ुत्बे को संबोधित करते हुए मोहम्मद इक़बाल ने कहा कि बचपन से हमें बताया जाता है कि किरामन कातिबीन हमारे सभी अच्छे और बुरे कर्मों को दर्ज करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्लाह की कुदरत और फ़रिश्तों के काम को दुनिया के सीमित पैमानों से नहीं समझा जा सकता। उन्होंने कुरआन करीम की सूरह क़ाफ़ की आयत 18 का हवाला देते हुए कहा कि इंसान जो भी शब्द अपनी ज़ुबान से निकालता है, उसे दर्ज करने के लिए निगरानी करने वाले फ़रिश्ते मौजूद रहते हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में लोग दुनियावी व्यस्तताओं और भौतिक सुख-सुविधाओं में इस कदर मशगूल हो गए हैं कि उन्हें अल्लाह की हिदायत और आख़िरत की तैयारी की फ़िक्र कम होती जा रही है। उन्होंने नमाज़ियों को क़यामत की भयावहता याद दिलाते हुए सूरह अल-हज्ज की शुरुआती आयतों का उल्लेख किया, जिनमें उस दिन आने वाले भयानक ज़लज़ले और उसकी सख्ती का वर्णन किया गया है।
ख़तीब ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने कर्मों का हिसाब देना होगा, इसलिए जरूरी है कि इंसान अपनी जिंदगी को नेक अमल, इबादत, सच्चाई और अल्लाह की आज्ञाकारिता के अनुरूप बनाए। उन्होंने लोगों से तौबा, आत्म-सुधार और आख़िरत की तैयारी पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
ख़ुत्बे के अंत में मुहम्मद इक़बाल ने मुल्क और कौम की खुशहाली तथा तमाम इंसानों की हिदायत के लिए दुआ कराते हुए कहा कि अल्लाह तआला सभी को नेक रास्ते पर चलने और आख़िरत की कामयाबी हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फरमाए।

