आगरा की आफरीन और उनके चार वर्षीय बेटे असद समेत चार लोगों की दर्दनाक मौत, मुरैना रेल हादसे से पसरा मातम
भोपाल/आगरा। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में आगरा के एक परिवार समेत चार लोगों की मौत हो गई। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने के बाद घबराए कुछ यात्री ट्रेन से उतर गए। इसी दौरान समानांतर ट्रैक पर तेज गति से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक चार वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसा रविवार शाम करीब 4:15 बजे सरायछौला थाना क्षेत्र के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार गाड़ी संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में किसी यात्री द्वारा अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) किए जाने के कारण ट्रेन बीच ट्रैक पर रुक गई थी।
मोबाइल से धुआं निकलने की चर्चा के बाद फैली अफवाह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रेन के एक कोच में किसी यात्री के मोबाइल फोन से गर्मी या धुआं निकलने की बात फैल गई। देखते ही देखते आग लगने की अफवाह ने यात्रियों में दहशत पैदा कर दी। कई यात्री घबराकर ट्रेन से नीचे उतर आए और पास की रेलवे लाइन पर पहुंच गए।
इसी दौरान आगरा की ओर से आ रही गाड़ी संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस उसी ट्रैक से गुजर रही थी। तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
आगरा के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में मृतकों की पहचान आफरीन (35) पत्नी नदीम खान निवासी आगरा, उनके चार वर्षीय बेटे असद खान, शकुंतला (60) पत्नी भूरी सिंह परमार निवासी रुनकता, आगरा तथा विरमा देवी (60) पत्नी गिरधारी गिरी निवासी बीकानेर, राजस्थान के रूप में हुई है।
आगरा निवासी आफरीन और उनके मासूम बेटे असद की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं रुनकता क्षेत्र की रहने वाली शकुंतला की मौत से भी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रेलवे और प्रशासन मौके पर पहुंचा
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। घटना के बाद रेलवे ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अफवाहों से सावधानी बरतने की अपील
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास न करें और आपात स्थिति में रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें। प्रारंभिक जांच में ट्रेन में आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अफवाहों के कारण पैदा होने वाली घबराहट किस तरह बड़े हादसों का कारण बन सकती है।
— संवाददाता, टाइम्स ऑफ ताज

