आगरा। शसक्त पीली सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष शबाना खंडेलवाल ने सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर दिए गए नाज़िया इलाही के कथित बयानों को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा किसी धर्म, धार्मिक व्यक्तित्व या समुदाय की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले बयान दिए गए हैं, तो ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शबाना खंडेलवाल ने कहा कि नाज़िया इलाही द्वारा दिए गए कथित बयानों को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच नाराज़गी देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करने वाला देश है तथा किसी भी व्यक्ति को ऐसी टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है, जिससे करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हों और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।
उन्होंने भारत सरकार, गृह मंत्रालय तथा संबंधित जांच एजेंसियों से मांग करते हुए कहा कि नाज़िया इलाही के कथित बयानों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कानून सबके लिए समान है और किसी भी व्यक्ति को समाज में तनाव या वैमनस्य फैलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
शबाना खंडेलवाल ने कहा कि धार्मिक विषयों पर बोलते समय सभी लोगों को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में सरकार को संवेदनशीलता के साथ त्वरित कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि शसक्त पीली सेना हमेशा सामाजिक सौहार्द, आपसी सम्मान और संवैधानिक मूल्यों के पक्ष में खड़ी रही है। संगठन का मानना है कि किसी भी धर्म, महापुरुष या धार्मिक आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी समाज में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।
शसक्त पीली सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सभी को कानून पर भरोसा रखना चाहिए और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।

