जयंत चौधरी पर टिप्पणी को बताया अभद्र और अशोभनीय, सपा पर लगाया राजनीतिक संकीर्णता और जातिवादी नफरत का आरोप
लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने शनिवार को समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी को लेकर अखिलेश यादव की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनसे जाट समाज और चौधरी चरण सिंह के परिवार से माफी मांगने की मांग की।
मायावती ने अखिलेश यादव के बयान “हम लोगों ने चवन्नी को रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए” को बेहद अभद्र, अशोभनीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि अखिलेश यादव को अपनी टिप्पणी के लिए न केवल जयंत चौधरी और उनकी पार्टी से, बल्कि पूरे जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए।
मायावती ने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक संकीर्ण सोच और जातिवादी नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसी तरह की राजनीति का फायदा भारतीय जनता पार्टी को बार-बार चुनावों में मिला है और उत्तर प्रदेश में धर्मनिरपेक्ष ताकतें कमजोर हुई हैं।
1995 के गेस्ट हाउस कांड का किया ज़िक्र
मायावती ने 1995 की लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब BSP ने मुलायम सिंह यादव की सरकार से समर्थन वापस लिया था, तब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का राजनीतिक व्यवहार पुराना है, जिसमें पार्टी अपने फायदे के लिए गठबंधन करती है और बाद में सहयोगियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करती है। मायावती ने विभिन्न सामाजिक वर्गों से सपा की राजनीति से सावधान रहने की अपील की।
अखिलेश के बयान पर जयंत भी जता चुके हैं नाराज़गी
अखिलेश यादव की टिप्पणी के बाद जयंत चौधरी ने भी समाजवादी पार्टी पर जाट समाज का अपमान करने का आरोप लगाया था। जयंत चौधरी ने कहा था कि राजनीतिक लड़ाई में उनके खिलाफ टिप्पणी करनी थी तो उनका नाम लेकर की जाती, लेकिन जाट समाज को निशाना बनाना उचित नहीं है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी को जयंत चौधरी के वर्ष 2022 के उस बयान के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है, जब उन्होंने भाजपा के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा था कि “मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा?” बाद में 2024 में RLD ने सपा गठबंधन से अलग होकर भाजपा नेतृत्व वाले NDA का साथ दिया था।
