नई दिल्ली। NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन मंगलवार को 24वें दिन में प्रवेश कर गया। सोमवार को संसद की ओर मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिंसा में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों सहित 170 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया तथा 15 से 20 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की गई। मामले में संसद मार्ग, बाराखंभा और कनॉट प्लेस थानों में पांच FIR दर्ज की गई हैं। दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, सरकारी एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने जैसी धाराओं में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान के लिए CCTV फुटेज, फेसियल रिकग्निशन कैमरों की रिकॉर्डिंग, सोशल मीडिया पोस्ट और मोबाइल वीडियो की जांच की जा रही है। लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।
उधर, देर रात तक जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद रहे और केंद्र सरकार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी जारी रही।
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि संगठन फिलहाल दोबारा संसद मार्च नहीं करेगा, क्योंकि इससे युवाओं को फिर चोट पहुंच सकती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए बल प्रयोग कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि सोमवार को CJP प्रतिनिधिमंडल के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पहली बार सरकार से बातचीत का प्रस्ताव दिया था और उन्हें धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया गया है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार का मंथन
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज है कि सरकार फिलहाल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करने के पक्ष में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि यदि किसी आंदोलन या विरोध प्रदर्शन के दबाव में मंत्री का इस्तीफा लिया जाता है, तो भविष्य में विभिन्न मुद्दों पर अन्य मंत्रियों के इस्तीफे की मांग का सिलसिला शुरू हो सकता है। इसी कारण इस विषय पर सरकार और सत्तारूढ़ दल के भीतर गंभीर मंथन जारी है।
(नोट: इस समाचार में आंदोलनकारी संगठन, दिल्ली पुलिस और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक दावों एवं बयानों को उनके-अपने पक्ष के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस जांच अभी जारी है और आरोपों की आधिकारिक पुष्टि शेष है।)

