कैराना सांसद बोलीं—सहारनपुर जाना चाहती थी, लेकिन प्रशासन ने रास्ता रोक दिया
कैराना (शामली)। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कैराना सांसद इकरा हसन ने हाउस अरेस्ट के दौरान सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इकरा हसन ने कहा कि रात में उन्हें जानकारी मिली थी कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को सील कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें आशंका हुई कि मामले में प्रशासन की ओर से कोई बड़ा कदम उठाया जा सकता है।
सांसद के मुताबिक, इसी आशंका के चलते वह अधिकारियों से बातचीत करने और पूरे मामले की जानकारी लेने के लिए सहारनपुर जाना चाहती थीं। हालांकि, उन्हें सहारनपुर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
‘अधिकारियों से बात करने जाना चाहती थी’
इकरा हसन ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका प्रयास था कि वह मौके पर जाकर प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करें और स्थिति को समझें। लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट कर दिया गया, जिससे वह सहारनपुर नहीं पहुंच सकीं।
उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले में पारदर्शिता और संवाद बेहद जरूरी है।
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को अदालत के आदेश के बाद शनिवार सुबह बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
बसपा सुप्रीमो मायावती भी मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर सरकार पर सवाल उठा चुकी हैं। उन्होंने कहा है कि धार्मिक स्थलों को जल्दबाजी में अवैध बताकर ध्वस्त करना उचित नहीं है और सरकार को ऐसे हालात से बचना चाहिए।
वहीं, प्रशासन की ओर से अदालत के आदेश के अनुपालन में कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
मस्जिद पक्ष की ओर से इसे पुराना धार्मिक स्थल बताते हुए 1911 से पहले का होने का दावा किया गया है। दूसरी ओर, प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया में इसे अवैध निर्माण माना गया है।
मामले को लेकर सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
TIMES OF TAJ
सहारनपुर मस्जिद प्रकरण अब कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
