दरभंगा/मोकामा: समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को मोकामा में हुई हत्या की घटना को लेकर भाजपा की नीतियों और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद इस तरह का अपराध हो सकता है, तो यह सवाल उठता है कि राज्य में जंगल राज है या मंगल राज।
अखिलेश यादव ने दरभंगा में एएनआई से बातचीत में कहा कि जिस जगह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री चुनाव प्रचार कर रहे हों, जहाँ Z+ सुरक्षा वाले वीआईपी मौजूद हों, अगर वहाँ हत्या जैसी घटना हो जाती है, तो इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठते हैं।
सपा प्रमुख की यह टिप्पणी 30 अक्टूबर को मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज पार्टी और जनता दल (यूनाइटेड) के कथित समर्थकों के बीच हुई झड़प के बाद आई। इस झड़प में दुलारचंद यादव नामक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए।
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव और समृद्धि के लिए वोट देने के लिए तैयार है और आगामी चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने का विकल्प चुन सकती है। उन्होंने कहा, “बिहार की जनता बदलाव, समृद्धि, तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने, सस्ती बिजली और 200 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए वोट देने जा रही है। बिहार के युवा अपने भविष्य और बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए मतदान करेंगे। जिन्होंने पलायन को जन्म दिया, उन्हें इस बार जनता सबक सिखाएगी।”
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर हमला बोलते हुए लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के कार्यकाल को बिहार के लिए “काला युग” बताया। नड्डा ने सीवान में एक जनसभा को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि उनके शासन के दौरान राज्य को हर मोर्चे पर असफलताओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने मतदाताओं से निरंतर प्रगति और स्थिरता के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का समर्थन करने का आग्रह किया।
नड्डा ने कहा, “1990 से 2005 तक लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी का शासन बिहार के लिए काला युग था। इस दौरान राज्य ने हर तरह का नुकसान और अपमान सहा। लेकिन नीतीश कुमार के 20 साल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 साल के नेतृत्व में बिहार ने अपनी विकास की गाड़ी को पटरी पर आते देखा है।”

