कई अस्पतालों ने जटिल और जोखिमपूर्ण बताकर किया था रेफर, प्लास्टिक सर्जन की टीम ने सफल सर्जरी कर बच्ची को दी राहत
आगरा,। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज), आगरा के सर्जरी विभाग ने एक जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यहां 11 वर्षीय बालिका तमन्ना की पीठ पर पिछले लगभग आठ वर्षों से लगातार बढ़ रही विशाल गांठ का सफल ऑपरेशन कर उसे सुरक्षित निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।

आठ वर्षों से बढ़ रही थी गांठ, दैनिक गतिविधियों में हो रही थी परेशानी
जानकारी के अनुसार, बच्ची की पीठ पर कम उम्र से ही गांठ मौजूद थी, जिसका आकार धीरे-धीरे काफी बढ़ गया था। गांठ बड़ी होने के कारण उसे रोजमर्रा के कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। परिजन उपचार के लिए कई अस्पतालों में पहुंचे, लेकिन ऑपरेशन को जटिल और जोखिमपूर्ण बताते हुए उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया गया।
डॉ. पुनीत भारद्वाज और उनकी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
अंततः परिजनों ने एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा के सर्जरी विभाग से संपर्क किया। यहां प्लास्टिक सर्जन डॉ. पुनीत भारद्वाज और उनकी मेडिकल टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले को स्वीकार किया। चिकित्सकों ने सफल ऑपरेशन कर बच्ची की पीठ से विशाल गांठ को सुरक्षित निकाल दिया।
चिकित्सकीय जांच में गांठ की पहचान फाइब्रोलिपोमा (Fibrolipoma) के रूप में बताई गई है।
प्राचार्य ने चिकित्सकों की टीम को दी बधाई
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने कहा कि संस्थान जटिल एवं चुनौतीपूर्ण मामलों के उपचार के लिए प्रतिबद्ध है। मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद मरीज को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
परिजनों ने जताया आभार
सफल ऑपरेशन के बाद बच्ची तमन्ना की स्थिति स्थिर बताई गई है और वह तेजी से स्वास्थ्य लाभ कर रही है। बच्ची के परिजनों ने एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, डॉ. पुनीत भारद्वाज और पूरी मेडिकल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की यह उपलब्धि चिकित्सकों की विशेषज्ञता, समर्पण और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। साथ ही यह जटिल चिकित्सा मामलों में सरकारी चिकित्सा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है।
टाइम्स ऑफ ताज डिस्क्लेमर: यह समाचार एसएन मेडिकल कॉलेज से प्राप्त जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
