मैकश अकबराबादी की शख्सियत और सूफी विचारधारा पर देशभर के विद्वान रखेंगे विचार, दो पुस्तकों का होगा विमोचन
आगरा। बज़्म-ए-मैकश एवं सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा के उर्दू विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रसिद्ध शायर एवं सूफी विचारक अल्लामा मैकश अकबराबादी की याद में 30वें राष्ट्रीय मैकश अवॉर्ड एवं सेमिनार का आयोजन 15 नवंबर 2026, रविवार को किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे सेंट जॉन्स कॉलेज के असेंबली हॉल में आयोजित होगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बज़्म-ए-मैकश आगरा के संरक्षक सैयद अजमल अली शाह कादरी नियाज़ी करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर एसपी सिंह, प्राचार्य सेंट जॉन्स कॉलेज उपस्थित रहेंगे। मुख्य वक्ता प्रोफेसर सैयद सिराजुद्दीन अजमली, अध्यक्ष उर्दू विभाग, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ एवं पूर्व उप परिवहन आयुक्त (एसटीए), उत्तर प्रदेश होंगे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विक्रम सिंह हैं।
इस अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर सगीर इफराहीम को उनकी साहित्यिक एवं शैक्षिक सेवाओं के लिए 30वें राष्ट्रीय मैकश अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा।
सेमिनार का विषय मैकश अकबराबादी की शख्सियत और फिक्र-ए-तसव्वुफ’** रखा गया है। इसमें सेंट जॉन्स कॉलेज, आगरा के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. सैयद सब्त हसन नकवी, अलीगढ़ के डॉ. सैयद बशीरुल हसन वाफ़क़वी, डॉ. मुजीब शेज़र तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की उर्दू शोधार्थी आबिदा फातिमा अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगी।
कार्यक्रम के दौरान दो पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। इनमें हजरत सैयद मोहम्मद आली शाह कादरी नियाज़ी के काव्य संग्रह ‘इंतिखाब-ए-कलाम’ का संपादन सैयद फैज अली शाह कादरी नियाज़ी जाफरी ने किया है। वहीं प्रोफेसर (डॉ.) नसरीन बेगम की कहानी संग्रह ‘तल्खियां जिंदगी की’ का भी विमोचन होगा।
बज़्म-ए-मैकश के उपाध्यक्ष सैयद फैज अली शाह कादरी नियाज़ी और महासचिव प्रोफेसर (डॉ.) नसरीन बेगम ने साहित्य प्रेमियों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं उर्दू अदब से जुड़े लोगों से कार्यक्रम में शामिल होने की पुरखुलूस अपील की है।
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