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केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि संचार साथी ऐप को अपने फोन से हटाना अब पूरी तरह उपयोगकर्ता की स्वतंत्रता में है।
सरकार ने पहले इस ऐप को सभी स्मार्टफोनों में प्री-इंस्टॉल करने का निर्देश दिया था। लेकिन सिंधिया ने कहा, “यदि कोई इसे इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो वह ऐप को डिवाइस से हटा सकता है। इसे रखना या न रखना पूरी तरह से उपयोगकर्ता का निर्णय है। हमारा उद्देश्य केवल इसे लोगों तक पहुंचाना है।”
यह बयान विपक्ष द्वारा ऐप को अनिवार्य करने और निगरानी का आरोप लगाने के बाद आया। इससे पहले यह भ्रम था कि ऐप को हटाने का कोई विकल्प नहीं होगा।

