श्रीलंका में चक्रवात दित्वाह की तबाही लगातार बढ़ती जा रही है। सरकारी एजेंसियों के अनुसार, अब तक 479 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 350 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर बाढ़, भूस्खलन और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। सड़कें, पुल और संचार नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने के कारण कई जिले पूरी तरह दुनिया से कट गए हैं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में मौसम और अधिक प्रतिकूल हो सकता है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में और मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
इस मानवीय संकट में भारत ने मदद का हाथ बढ़ाते हुए ऑपरेशन सागर बंधु के तहत राहत कार्यों को तेज कर दिया है। भारत की ओर से वायु मार्ग, समुद्री मार्ग और सड़क मार्ग के जरिए व्यापक मानवीय सहायता श्रीलंका भेजी जा रही है। भारतीय टीम प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, दवाइयाँ, अस्थायी आश्रय सामग्री और आपदा प्रबंधन सहायता प्रदान कर रही है।
श्रीलंका सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी व्यापक सहायता की अपील की है, ताकि इस गंभीर आपदा से उबरने में तेजी आए।

