पटना व मुज़फ्फरपुर के 1,400 दिव्यांगों को मिलेगा आजीविका और कौशल का सहारा
पटना | टाइम्स ऑफ ताज
दिव्यांगजनों के लिए आजीविका, कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन वर्षीय ‘स्वावलंबन’ परियोजना का औपचारिक शुभारंभ शुक्रवार को होटल विजयतेज क्लार्क इन, पटना में किया गया। इस परियोजना के तहत पटना और मुज़फ्फरपुर ज़िलों के आठ प्रखंडों—चार-चार प्रखंडों में—कुल 1,400 दिव्यांगजनों को सहयोग प्रदान किया जाएगा। परियोजना का क्रियान्वयन एक्शनएड एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है, जबकि इसे एसबीआई फाउंडेशन के सीएसआर के अंतर्गत वित्तीय समर्थन प्राप्त है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए एसबीआई फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री संजय प्रकाश ने कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता ही वास्तविक समावेशन की कुंजी है। उन्होंने कहा कि स्वावलंबन परियोजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को कौशल विकास, स्वरोज़गार और बुनियादी वित्तीय सेवाओं से जोड़कर सतत आय के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

एक्शनएड एसोसिएशन के वित्त निदेशक श्री वेंकटेश्वर नायक ने दिव्यांगता के मुद्दों पर संगठन की प्रतिबद्धता दोहराते हुए अधिकार-आधारित और समावेशी विकास दृष्टिकोण पर बल दिया।
वहीं बिहार सरकार के निदेशक (सामाजिक अंकेक्षण) श्री विनय ओहदार ने एसबीआई फाउंडेशन और एक्शनएड के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समावेशी विकास की दिशा में अहम पहल बताया।
कार्यक्रम के दौरान पटना और मुज़फ्फरपुर के लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर सात लाभार्थियों को एक-एक लाख रुपये की आजीविका सहायता प्रदान की गई, जबकि पाँच दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर वितरित की गईं।
एक्शनएड एसोसिएशन के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री सौरभ कुमार ने परियोजना के उद्देश्यों और क्रियान्वयन रणनीति पर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर दिव्यांगजन के उपाध्यक्ष श्री शशि भूषण और सहायक प्रबंधक श्री विकास दुबे भी उपस्थित रहे।
इस मौके पर श्रेष्ठ दिव्यांगजन पुरस्कार (2022) से सम्मानित सुश्री वैष्णवी ने कहा कि ऐसी पहलें दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को मजबूत करती हैं।
स्वावलंबन परियोजना का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में दिव्यांगजनों के लिए सतत आजीविका, कौशल उन्नयन और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सशक्त करना है।

