इस महीने से शुरू होगी देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
नई दिल्ली। लंबी दूरी के यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इसी महीने शुरू होने जा रही है। यह आधुनिक ट्रेन गुवाहाटी और हावड़ा के बीच चलेगी, जिससे असम और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यात्रा का अनुभव मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस स्लीपर ट्रेन के सभी परीक्षण चरण, सुरक्षा जांच और तकनीकी अनुमोदन सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। तकनीकी रूप से यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है, हालांकि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसकी व्यावहारिक गति 123 किमी प्रति घंटे रखी गई है।
16 कोच, 823 यात्रियों की क्षमता
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें
- 11 तृतीय श्रेणी एसी कोच,
- 4 द्वितीय श्रेणी एसी कोच,
- और 1 प्रथम श्रेणी एसी कोच शामिल है।
इस ट्रेन की कुल यात्री क्षमता लगभग 823 यात्रियों की होगी, जो लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाएगी।
इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, इस सेवा के शुरू होने से असम के कामरूप महानगरपालिका और बोंगाईगांव जिलों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा, मुर्शिदाबाद, पूर्वी बर्धमान, हुगली और हावड़ा जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
किराया हवाई यात्रा से सस्ता
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया हवाई यात्रा की तुलना में काफी कम रखा गया है।
- तृतीय श्रेणी एसी: 2300 रुपये
- द्वितीय श्रेणी एसी: 3000 रुपये
- प्रथम श्रेणी एसी: 3600 रुपये
रेलवे ने भरोसा दिलाया है कि किराए में अचानक कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।
क्षेत्रीय स्वाद के अनुसार भोजन
यात्रियों के लिए भोजन व्यवस्था भी क्षेत्रीय स्वाद को ध्यान में रखकर की गई है।
- गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में पारंपरिक असमिया व्यंजन,
- जबकि हावड़ा से चलने वाली ट्रेन में बंगाली व्यंजन परोसे जाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां, आपातकालीन संचार सुविधाएं, बेहतर सफाई व्यवस्था, स्वचालित दरवाज़े और अत्याधुनिक चालक केबिन उपलब्ध होंगे।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगले छह महीनों में आठ और वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जाएंगी, जबकि साल के अंत तक 12 नई ट्रेनें पटरी पर उतारने की योजना है। दीर्घकालिक लक्ष्य के तहत 2029 तक 200 वंदे भारत ट्रेनों को शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

