बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री एवं बलिया सदर के विधायक दयाशंकर सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यदि योग्यता होगी तो हिजाब पहनने वाली महिला भी भारत की प्रथम महिला (राष्ट्रपति) बन सकती है। उन्होंने साफ कहा कि समाज में हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है।
परिवहन मंत्री बलिया कलेक्ट्रेट परिसर में कंबल वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। इसी दौरान मीडिया ने उनसे AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक बयान के संदर्भ में सवाल किया, जिस पर उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।
मीडिया से बातचीत में दयाशंकर सिंह ने कहा कि
“अगर किसी हिजाब पहनने वाली महिला में योग्यता और क्षमता है, तो वह भी देश की प्रथम महिला बनने का गौरव हासिल कर सकती है। भारत में प्रतिभा और योग्यता ही सबसे बड़ा मापदंड है।”
उन्होंने मौजूदा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि वे एक सामान्य परिवार से आने वाली महिला हैं और आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन हैं।
“यह देश की सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत और योग्यता के दम पर कोई भी ऊंचाई हासिल की जा सकती है।”
महिला सशक्तिकरण के सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान हर जगह होना चाहिए और उन्हें किसी वर्ग, धर्म या पहचान तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
“महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्हें बांटने की नहीं, बल्कि सशक्त बनाने की जरूरत है।”
दयाशंकर सिंह के इस बयान को सामाजिक सौहार्द और महिला सशक्तिकरण के संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने योग्यता को सर्वोपरि बताते हुए आपसी भाईचारे पर जोर दिया।

