मुंगेर/भागलपुर, उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार और शैक्षणिक विकास के उद्देश्य से उर्दू डायरेक्टरेट, बिहार सरकार के निर्देश पर जिला उर्दू भाषा सेल, मुंगेर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत आर्ट गैलरी, मुंगेर में एक दिवसीय संगोष्ठी, मुशायरा एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अपर समाहर्ता मुंगेर श्री मनोज कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर मुंगेर जिले के सभी प्रखंडों के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के उर्दू अध्यापक, प्राध्यापक, साहित्यकार तथा छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष महोदय ने कहा कि उर्दू भाषा के विकास के लिए निरंतर विविध प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से कर्मचारियों और उर्दू सीखने में रुचि रखने वाले आम नागरिकों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही उर्दू के साहित्यिक एवं शैक्षणिक कार्यक्रम, कार्यशालाएँ और संगोष्ठियाँ आयोजित कर सामाजिक सौहार्द और साझा सांस्कृतिक विरासत को मजबूत किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी राघवेंद्र कुमार दीक, विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ उप समाहर्ता मुंगेर मोहम्मद वसीम रज़ा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) फरख रहमान तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विध्यासागर उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में बतौर प्रतिनिधि प्रोफेसर डॉ. शाहिद रज़ा जमाल, डॉ. मोहम्मद ज़ैन-उल-हक़ शम्सी, तथा अब्दुल्लाह बुखारी (चेयरमैन, वक्फ बोर्ड, मुंगेर) ने भाग लिया। शोधपत्र प्रस्तुत करने वालों में डॉ. सबीहा नसरिन, श्री सैयद मोहम्मद अकील एवं श्री रईस-उर-रज़ा शामिल रहे।
मुशायरे में अख्तर आज़ाद, इक़बाल अहमद, अबू मोहम्मद सहर, इमामुद्दीन अनीस, नज्म हसन हलचल, शंकर कैमोरी, अब्दुल शकूर अंसारी, मोहम्मद हुसैन, साबिर अनवर तथा एहसान ने अपना काव्य पाठ प्रस्तुत किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
छात्र-छात्राओं में मोहम्मद अफ़ज़ल, कुलसूम परवीन, नहान खातून, ज़ैनब फ़ातिमा और निहा परवीन ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के अंत में जिला उर्दू भाषा सेल के प्रभारी अधिकारी श्री जावेद अख्तर ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, कवियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे सार्थक कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील की।

