दुग्ध धार और दीपदान से यमुना तट हुआ आलोकित
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने शताब्दी वर्ष पर किया चुनरी मनोरथ उत्सव का आयोजन
आगरा। कार्तिक एकादशी पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम तब देखने को मिला जब श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना मैया को 300 मीटर लंबी चुनरी अर्पित की गई। बलकेश्वर महादेव मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा में सैकड़ों भक्त ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और पुष्पवर्षा के बीच पार्वती घाट पहुंचे और श्रद्धापूर्वक चुनरी अर्पित की।
श्रीकृष्ण लीला महोत्सव समिति ने अपने 300वें वर्ष की शुरुआत इस अनूठे चुनरी मनोरथ उत्सव से की। इस अवसर पर यमुना मैया का दुग्ध अभिषेक और सैकड़ों दीपों से दीपदान किया गया, जिससे पूरा यमुना तट स्वर्गिक आलोक से जगमगा उठा।
पूजन विधि का संचालन महंत अनंत उपाध्याय, पंडित मुकेश शर्मा और अन्य आचार्यों ने संपन्न कराया। समिति अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने घोषणा की कि अब हर वर्ष श्रीकृष्ण लीला महोत्सव का शुभारंभ इसी चुनरी मनोरथ उत्सव के साथ किया जाएगा।
मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने इसे “भक्ति और संस्कृति का संगम” बताया।
कार्यक्रम में संरक्षक डॉ. विजय किशोर बंसल, योगेंद्र सिंघल, पूजा बंसल, मनोज बंसल, विनीत सिंघल सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
श्रीकृष्ण गौशाला, वाटर वर्क्स परिसर में 25 अक्टूबर से 300वीं श्रीकृष्ण लीला महोत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी।
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