648 अस्पताल पैनल से बाहर, 61 निलंबित; 140 अस्पतालों पर 8.53 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लखनऊ। आयुष्मान भारत…
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मथुरा। वृंदावन का प्रसिद्ध प्रेम मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, आकर्षक नक्काशी और आध्यात्मिक वातावरण के लिए देश ही नहीं, बल्कि…
ऑनलाइन ट्रोलिंग पर बेटी के बचाव में उतरे शत्रुघ्न, कहा- सोनाक्षी ने आलोचनाओं को नजरअंदाज करना सीख लिया है मुंबई।…
ताज सुरक्षा पुलिस ने छात्राओं को साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल की दी जानकारी आगरा, 18 अगस्त। पुलिस…
جنگِ آزادی میں علماء کی قربانیوں اور ملک کی عظمت پر تاریخی گفتگو (دھولیہ) جمعیۃ علماء (مولانا ارشد مدنی) کے…
मिर्जा मुकर्रम बेग ने प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की मौजूदगी में दिलाई सदस्यता आगरा। आगरा की सियासत में ऑल इंडिया…
‘हर घर तिरंगा’ व्याख्यान में कर्नल आकाश पाटिल, डॉ. दिनेश दुबे और डॉ. मो. शम्स इकबाल हुए शामिल : नमो अध्ययन केन्द्र नई दिल्ली,: सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के तत्वाधान में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के सहयोग से “हर घर तिरंगा” पर एक व्याख्यान नई दिल्ली में आयोजित की। इसका मकसद ‘जेनरेशन Z'(आज की युवा पीढ़ी) को एकता, नागरिक ज़िम्मेदारी, सामाजिक सद्भाव और सार्वजनिक जीवन में रचनात्मक भागीदारी जैसे मूल्यों से जोड़ना था। मुख्यवक्ता डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के निदेशक कर्नल आकाश पाटिल ने कहा कि समाज को आकार देने में युवाओं की अहम भूमिका है और उन्हें अपनी स्किल्स और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल ज़िम्मेदारी से करना चाहिए। कर्नल पाटिल ने युवाओं से बताया कि, “युवा सिर्फ़ देश का भविष्य ही नहीं हैं; वे देश के वर्तमान को आकार देने में भी अहम भागीदार हैं। ज़िम्मेदारी तब शुरू होती है जब हम यह समझते हैं कि हमारे व्यक्तिगत कामों का समाज पर असर पड़ता है।” ‘द इमर्जिंग वर्ल्ड’ दैनिक समाचार पत्र के संपादक डॉ. दिनेश दुबे ने डिजिटल सूचना के माहौल में युवाओं की ज़िम्मेदारी पर प्रकाश डाला। डॉ. दुबे ने कहा, “डिजिटल युग में, हर व्यक्ति एक संभावित पब्लिशर बन गया है। इस मौके के साथ ही जानकारी को शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करने की ज़िम्मेदारी भी आती है।” शिक्षा मंत्रालय के ‘नेशनल काउंसिल फॉर प्रमोशन ऑफ़ उर्दू लैंग्वेज’ के निदेशक डॉ. मो. शम्स इकबाल ने ज़िम्मेदार नागरिक बनाने में शिक्षा के महत्व पर ज़ोर दिया। डॉक्टर इकबाल ने कहा, “शिक्षा सिर्फ़ रोज़गार ही नहीं देती; यह समझ, आत्मविश्वास और ज़िम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है। एक शिक्षित युवा पीढ़ी ही प्रगतिशील समाज की सबसे मज़बूत नींव बन सकती है।” उन्होंने भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता के महत्व पर भी ज़ोर दिया। अपने शुरुआती संबोधन में, सेंटर फॉर नमो स्टडीज़ के सभापति प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान केवल सरकार द्वारा चलाई गई योजना ही नहीं है यह हर स्वयंसेवक और संगठनों की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने युवा नागरिकों को एकता, सेवा और ज़िम्मेदारी जैसे व्यापक मूल्यों से जोड़ने का मौका दे सकता है। प्रो. जसीम मोहम्मद ने कहा, “राष्ट्रीय ध्वज सिर्फ़ दिखाने और फोटो खिंचवाने की चीज़ नहीं है; यह हमारे साझा मूल्यों, एकता और सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। इसका संदेश तब सार्थक होता है जब हम उन मूल्यों को अपने रोज़मर्रा के जीवन में अपनाते हैं।” उन्होंने देश के विकास में योगदान देने की ‘जेन-ज़ी’ की क्षमता पर भी ज़ोर दिया। प्रो जसीम मोहम्मद ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्र दिवस के लालकिला से ऐतिहासिक भाषण दिये जाने की प्रशंसा किया। इस व्याख्यान को संचालन जर्नलिज्म टुडे ग्रुप के समूह संपादक जावेद रहमानी ने किया, जिन्होंने युवाओं में आलोचनात्मक सोच और ज़िम्मेदार डिजिटल भागीदारी पर ध्यान केंद्रित किया। धन्यावाद ज्ञापन जामिया मिल्लिया इस्लामिया की शोधार्थी तुषिता भंडारी ने दिया। –
नई दिल्ली: देश की राजनीति में एक बड़े संभावित सियासी घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक सूत्रों…
आगरा। समाजसेवी एवं इस्लामी स्कॉलर मौलाना मुहम्मद अल्तमश रहमानी की संभल लोकसभा क्षेत्र के सांसद जियाउर रहमान बर्क से आगरा…
CNMS-DAIC Har Ghar Tiranga Discussion Features Col Akash Patil, Dr Dinesh Dubey and Dr Md Shams Equbal New Delhi Aug…
