गोपालगंज के एक युवक को दुबई की अदालत द्वारा विमान की तस्वीर और वीडियो मोबाइल फोन में रखने तथा उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने के आरोप में 10 वर्ष की जेल की सजा सुनाए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और इलाके में चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, आमिर मियां के बेटे वसीम अकरम इसी वर्ष मार्च में रोजगार की तलाश में दुबई गए थे। वहां वह लौह उद्योग से जुड़े एक ठेकेदार के यहां काम कर रहे थे और परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते दुबई में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई है। इसी दौरान वसीम अकरम ने कथित तौर पर अपने मोबाइल फोन से आसमान में उड़ते विमान की तस्वीरें और वीडियो बनाए और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। दुबई प्रशासन ने इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए गंभीरता से लिया।
परिवार के अनुसार, कुछ दिनों बाद नमाज पढ़कर लौटते समय पुलिस ने वसीम को अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद बाकी लोगों को छोड़ दिया गया, लेकिन मोबाइल फोन में विमान की तस्वीरें और वीडियो मिलने के बाद वसीम को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई।
वसीम के परिजनों का कहना है कि वह निर्दोष हैं और उन्हें दुबई के सख्त कानूनों की जानकारी नहीं थी। परिवार का कहना है कि उन्होंने किसी गलत मंशा से तस्वीरें नहीं ली थीं, बल्कि संभवतः यादगार के तौर पर या अनजाने में ऐसा किया गया।
सजा की खबर घर पहुंचते ही परिवार में मातम का माहौल है। बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी सलमा खातून और दो छोटे बच्चे गहरे दुख में हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है और सरकार से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप कर वसीम को भारत वापस लाने की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज जिला प्रशासन ने पूरी घटना की रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भेज दी है। प्रशासन ने केंद्र सरकार से राजनयिक स्तर पर आवश्यक पहल करने की सिफारिश की है।
इस घटना के बाद विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों से वहां के स्थानीय कानूनों और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की जा रही है।

