आगरा। हाल ही में 9 फ़रवरी को एक राजनीतिक व्यक्ति द्वारा दिए गए बयान, जिसमें मुसलमानों को अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया, पर भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के स्थानीय पदाधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताई है।
दयालबाग मंडल, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा, महानगर आगरा के संयोजक मोहम्मद अरिफ सिद्दीकी ने बयान जारी कर कहा कि इस प्रकार की भाषा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है, चाहे वह किसी भी दल से जुड़े व्यक्ति द्वारा क्यों न कही गई हो। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को यह स्वतंत्रता और अधिकार देता है कि वह अपनी इच्छा, विचार और विवेक के अनुसार किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को “ग़ुलाम” या “जूते चाटने वाला” जैसे शब्दों से संबोधित करना न केवल असंवैधानिक सोच को दर्शाता है, बल्कि लोकतंत्र की मूल भावना के भी विरुद्ध है।
अरिफ सिद्दीकी ने स्पष्ट किया कि मुसलमान किसी भी पार्टी में हों या किसी भी विचारधारा से जुड़े हों, उनकी इज़्ज़त, आत्मसम्मान और सामाजिक गरिमा पर प्रश्न उठाने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का स्थान है, अपमान का नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज को शिक्षित और सशक्त बनाने के बजाय भावनात्मक रूप से भड़काने और कट्टरता की ओर धकेलने वाली भाषा देश की एकता और भाईचारे के लिए घातक है।
अंत में उन्होंने सभी राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शब्दों की मर्यादा बनाए रखें, संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करें और समाज में सौहार्द एवं आपसी सम्मान की भावना को मजबूत करें।

