बेंगलुरु। भारतीय पुरुष राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने क्लबों और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय शिविर में खिलाड़ियों की रिलीज़ के मुद्दे को बातचीत के जरिए हल किया जाए। यह टिप्पणी आईएसएल की तीन टीमों के 14 खिलाड़ियों के अभी तक शिविर में शामिल न होने के बाद आई है, जिनमें राष्ट्रीय टीम के कप्तान सुनील छेत्री भी शामिल हैं।
यह अहम शिविर एएफसी एशियाई कप क्वालीफाइंग मैचों की तैयारी के लिए आयोजित किया जा रहा है। जमील ने कहा कि इसमें क्लब और राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने अभ्यास पर असर डाला है, खासकर रक्षापंक्ति पर। वर्तमान में केवल हमिंगथनमाविया राल्टे और अशीर अख्तर ही रक्षापंक्ति में शामिल हैं।
मुख्य कोच ने कहा, “हमारी तैयारी हमेशा टीम-केंद्रित होती है। कुछ खिलाड़ियों की अनुपस्थिति ने अभ्यास को प्रभावित किया है, लेकिन हम उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग कर रहे हैं। लंबी अवधि में क्लब और राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं का संतुलन बनाए रखने के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है।”
शिविर में शामिल खिलाड़ियों की सूची (18):
गोलकीपर: अमरिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, गुरप्रीत सिंह संधू
रक्षापंक्ति: हमिंगथनमाविया राल्टे, अशीर अख्तर
मिडफील्डर: ब्रैंडन फर्नांडिस, दानिश फारूक भट, जिथिन एमएस, मैकार्टन लुइस निक्सन, मोहम्मद ऐमन, विबिन मोहनन
फॉरवर्ड: फारुख चौधरी, इरफान यादवाड, लालियानज़ुआला चांग्ते, मनवीर सिंह (जूनियर), मोहम्मद सनन के, पार्थिब गोगोई, विक्रम प्रताप सिंह
जमील ने यह भी स्पष्ट किया कि मोहन बागान और एफसी गोवा के खिलाड़ी महाद्वीपीय मैचों में शामिल होने के कारण जानबूझकर शिविर में शामिल नहीं किए गए। भारत की टीम ग्रुप सी में दो मैचों में एक अंक के साथ अपनी स्थिति सुधारने के लिए प्रयासरत है।

