आगरा।डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के के.एम.आई. स्थित विदेशी भाषा विभाग में स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत रूस के प्रतिष्ठित MGIMO University से आए 04 छात्रों के पांचवें बैच के पाठ्यक्रम का समापन गुरुवार, 15 मई 2026 को हुआ। इस अवसर पर आयोजित समापन समारोह में छात्रों को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। रूसी छात्रों ने तीन माह तक विश्वविद्यालय में रहकर हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति, इतिहास एवं साहित्य का गहन अध्ययन किया।
यह कार्यक्रम डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा एवं एम.जी.आई.एम.ओ. विश्वविद्यालय, मास्को, रूस के मध्य हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों से यह कार्यक्रम निरंतर सक्रिय रूप से संचालित हो रहा है। अब तक रूस से छात्रों के पांच दल विश्वविद्यालय आ चुके हैं, जबकि विदेशी भाषा विभाग से छात्रों के तीन दल अध्ययन हेतु रूस भेजे जा चुके हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार रूस से छात्रों का छठा दल आगामी सितंबर माह में आगरा आएगा।
इसी क्रम में विश्वविद्यालय के विदेशी भाषा विभाग से भी तीन छात्रों का एक दल रूसी भाषा के अध्ययन एवं शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत एम.जी.आई.एम.ओ. विश्वविद्यालय भेजा गया था, जो तीन माह तक रूस में अध्ययनरत रहने के बाद 09 मई 2026 को भारत वापस लौटा। इस दौरान छात्रों ने रूसी भाषा के साथ-साथ वहां की संस्कृति, साहित्य एवं सामाजिक जीवन को निकट से समझा तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता कर भारत और रूस के मध्य शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाया।
विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. आशु रानी जी इस मौके पर बताया ने कि विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनेक विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में सक्रिय है और शीघ्र ही कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ भी समझौता ज्ञापन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र एवं शिक्षक वैश्विक मंच पर सहभागिता कर नई संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों से लाभान्वित हो रहे हैं।
विद्यापीठ के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण प्रदान करने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय शिक्षा जगत में विश्वविद्यालय की पहचान को भी सशक्त बना रहा है. हाल ही में Uzbek State University के साथ हुए समझौते के अंतर्गत उज़्बेकिस्तान से छात्रों का दल आगरा आएगा तथा विश्वविद्यालय के छात्र अध्ययन हेतु उज़्बेकिस्तान जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि रूस के अतिरिक्त फ्रांस के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
एम.जी.आई.एम.ओ. विश्वविद्यालय से रूसी छात्रों का अगला दल सितंबर माह में आगरा आएगा तथा विश्वविद्यालय लगातार रूसी दूतावास, नई दिल्ली एवं रूस के अन्य विश्वविद्यालयों के संपर्क में है।
समापन समारोह में डॉ. आदित्य प्रकाश, श्री विशाल शर्मा, श्री अंगद, डॉ. कृष्ण कुमार एवं डॉ. संदीप सिंह सहित विदेशी भाषा विभाग के शिक्षक उपस्थित रहे।
रूसी छात्रा दारिया सिर्गेएवा ने कहा कि उन्हें भारत की संस्कृति, खान-पान और लोग बेहद पसंद आए तथा वे भविष्य में भी भारत आकर कार्य करना चाहेंगी। वहीं छात्र गिओर्गी मेलिकिआन ने विश्वविद्यालय में अध्ययन को यादगार अनुभव बताते हुए कहा कि यहां उन्हें शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति को समझने का अवसर मिला। छात्र पावेल अर्मेएव ने कहा कि हिंदी के मूलभाषी शिक्षकों से अध्ययन करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा, जबकि छात्रा गलीना बकारेवा ने इस तीन माह के अनुभव को ज्ञानवर्धक एवं जीवन बदलने वाला बताया।

