कासगंज। जनपद कासगंज के थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र में हुई 31 लाख रुपये की बड़ी साइबर ठगी का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक महिला सहित दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है।
पीड़ित मुहम्मद स्वालेह अंसारी, निवासी मोहल्ला खैरू, गंजडुंडवारा ने 19 मार्च को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार गंगा प्रसाद के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी क्राइम अमित कुमार के नेतृत्व में साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की गई पूरी रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई थी। इनमें से 6,10,000 रुपये राजस्थान निवासी मांगीलाल बिश्नोई के खाते में पहुंचे। मांगीलाल ने 6 लाख रुपये का चेक जारी कर अपनी साथी निर्मला को दिया, जिसने उक्त धनराशि नकद निकाल ली।
पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों—
मांगीलाल बिश्नोई (निवासी सांचौर, जिला जालौर, राजस्थान)
और निर्मला (निवासी सिवाड़ा, जालौर, राजस्थान)
को एटा बाईपास स्थित अम्बर मोड़, सिद्धपुरा के पास से गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि निर्मला फर्जी तरीके से आधार कार्ड और पैन कार्ड एडिट कर उनके जरिए बैंक खाते खुलवाती थी। इन खातों से चेकबुक जारी कराकर साइबर ठगी से प्राप्त रकम को निकाल लिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जाली पैन कार्ड, फर्जी चेक और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।
कार्रवाई में शामिल टीम:
प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, विवेचक निरीक्षक कल्याण सिंह, उपनिरीक्षक सोनू सिंह (प्रभारी साइबर सेल), कांस्टेबल शैलेंद्र चौधरी व दिग्विजय त्यागी ने इस कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।

