आगरा, हजरत ख्वाजा शैख सैय्यद फतिहउद्दीन बल्खी अलमारूफ ताराशाह चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह का 427वाँ पाँच दिवसीय जश्न-ए-उर्स व सर्वधर्म सम्मेलन दरगाह मरकज साबरी, 191 कम्पाउंड, आगरा क्लब, आगरा में परंपरागत रस्मो-रिवाज के साथ अकीदत व एहतराम के माहौल में मनाया गया।
कार्यक्रम सरकार, प्रशासन एवं छावनी परिषद आगरा द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सम्पन्न हुआ। दरगाह के सज्जादानशीं पीरज़ादा हाजी इमरान अली चिश्ती साबरी, पीरज़ादा हाजी कासिम अली शाह चिश्ती साबरी, पीरज़ादा बुन्दू खाँ चिश्ती साबरी तथा मुरीदीन व जायरीन ने साबिर-ए-पाक के सज्जादानशीं हजरत शाह अली मंजर एजाज कुद्दूसी साबरी की ज़ेरे-सरपरस्ती दरबार मरकज साबरी में अकीदत की चादर पेश की।
बताया गया कि किसी कारणवश सज्जादा जी आगरा नहीं आ सके, किंतु उनकी दुआएँ इस पावन आयोजन में शामिल रहीं। इसके उपरांत सज्जादानशीं द्वारा साबरी परिवार का झंडारोहण किया गया तथा फीता काटकर “चिश्त महल” का शुभारंभ किया गया। दरबार-ए-साबरी में मुल्क की अमन-शांति, भाईचारा, एकता और जायरीनों की सुख-समृद्धि के लिए विशेष दुआ की गई।
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सज्जादानशीं हाजी इमरान अली शाह व बुन्दू खाँ साबरी ने उपस्थित मेहमानों की दस्तारबंदी कर उनका सम्मान किया। शहर एवं बाहर से आए कव्वालों ने दरगाह मरकज साबरी में सूफियाना कलाम पेश कर खिराज-ए-अकीदत अर्पित किया, जिससे पूरा परिसर रूहानी माहौल से सराबोर हो गया।
इस अवसर पर उर्स कमेटी एवं अखिल भारतीय सर्वधर्म साबरी एकता संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्यगण—परमजीत सिंह, शराफत हुसैन, हाफिज अब्दुल रज्जाक, साहबजादगान अनीश साबरी, आरिफ साबरी, तरुण साबरी, करून साबरी, हाशिम साबरी, पुरुषोत्तम साबरी, रफीक साबरी, जमील साबरी, इमरान, जावेद, राजकुमार साबरी, मदन साबरी, नूर मोहम्मद, डॉ. रतन सिंह, कुलदीप सिंह, संजू साबरी, अनिल साबरी, छोटू साबरी, जय सिंह साबरी, गुलशन, आदिल साबरी, सोनिया, रानी सिंह, मायादेवी साबरी, जन्नत, हिना सहित अनेक अकीदतमंद मौजूद रहे।
उर्स के इस पावन अवसर पर सर्वधर्म एकता और आपसी सौहार्द का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया, जो सूफी संतों की शिक्षाओं की जीवंत मिसाल है।

