लखनऊ। Indian Union Muslim League के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष Dr. Mohammad Mateen Khan ने जयवीर सिंह के कथित नफ़रत भरे बयान की सख्त अल्फ़ाज़ में मजम्मत करते हुए कहा कि यह मुल्क संविधान से चलेगा, किसी के जज़्बात या नफ़रत फैलाने वाले बयानों से नहीं।
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश है, जहाँ संविधान ने हर नागरिक को बराबरी, इंसाफ़ और अपने मज़हबी फ़राइज़ को पूरी आज़ादी के साथ अदा करने का अधिकार दिया है। किसी भी समुदाय की धार्मिक आज़ादी या संवैधानिक अधिकारों पर हमला करना देश की मूल भावना के खिलाफ है।
डॉ. मोहम्मद मतीन खान ने कहा कि गुस्से और नफ़रत के जुनून में इंसानियत मर जाती है और अफ़सोस की बात यह है कि कुछ लोग समाज में नफ़रत फैलाकर भाईचारे और अमन को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की आवाज़ किसी एक धर्म या समाज की आवाज़ नहीं हो सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी नफ़रत फैलाने वाले तत्व फ़र्ज़ी बयानों और अफ़वाहों के ज़रिए समाज को बाँटने की कोशिश करते रहे हैं। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल नफ़रत फैलाने के लिए नहीं बल्कि मोहब्बत, इंसानियत और आपसी भाईचारे को मज़बूत करने के लिए होना चाहिए।
डॉ. मतीन खान ने कहा कि धर्म इंसानियत, अमन और एक-दूसरे के सम्मान का पैग़ाम देता है, लेकिन कुछ लोग अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए समाज में ज़हर घोलने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी यह अधिकार नहीं कि वह समाज में वैमनस्य फैलाए।
अंत में उन्होंने जनता से अपील की कि ऐसे नफ़रत फैलाने वाले बयानों से सावधान रहें और मुल्क की गंगा-जमुनी तहज़ीब, भाईचारे और संविधान की हिफाज़त के लिए एकजुट रहें।

