आगरा। विश्व प्रसिद्ध Taj Mahal परिसर में एक भावुक कर देने वाली घटना सामने आई, जहां पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक परिवार की खुशियां लौटा दीं।

जयपुर (राजस्थान) से ताजमहल घूमने आए पर्यटक मोहम्मद रफीक का 2 वर्षीय मासूम बेटा मोहम्मद शाद टिकट विंडो पर टिकट लेने के दौरान उनसे बिछड़ गया। परिवार के लिए यह पल बेहद घबराहट भरा था, वहीं छोटा बच्चा परिसर में रोता हुआ इधर-उधर भटक रहा था।
इसी दौरान पश्चिमी गेट पर तैनात थाना ताज सुरक्षा की क्विक रिस्पॉन्स टीम की नजर बच्चे पर पड़ी। टीम ने तुरंत मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और परिजनों की तलाश शुरू कर दी।
क्विक रिस्पॉन्स टीम के प्रभारी ने उच्चाधिकारियों के निर्देश पर तुरंत कार्रवाई करते हुए:
- सीसीटीवी फुटेज खंगाले
- रेडियो अनाउंसमेंट कराया
- आरटी सेट के जरिए सूचना प्रसारित की
इसके साथ ही थाना ताज सुरक्षा पुलिस के अन्य जवान भी बच्चे के परिजनों की खोज में जुट गए। टीम की मुस्तैदी का नतीजा यह रहा कि महज 20 मिनट के भीतर बच्चे को उसके माता-पिता से सकुशल मिला दिया गया।
अपने लापता बच्चे को सामने देख माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और उन्होंने पुलिस टीम का दिल से आभार जताया।
इस सराहनीय कार्य में उपनिरीक्षक पंकज सिंह पटेल, आरक्षी आशु और महिला आरक्षी रीतू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
यह घटना न सिर्फ पुलिस की तत्परता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब जिम्मेदारी के साथ संवेदनशीलता जुड़ती है, तो परिणाम हमेशा सुखद होता है।

