लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अगुवाई में सरकार वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के आधार पर नई नियमावली लागू करने की तैयारी में है, जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों को पारदर्शी, जवाबदेह और राजस्व के लिहाज से मजबूत बनाना है।
प्रदेश में फैली करीब 1.25 लाख वक्फ संपत्तियों पर अब ‘ढील’ नहीं, बल्कि सख्ती का दौर शुरू होने वाला है। केंद्र के Waqf (Amendment) Act, 2025 (उम्मीद अधिनियम) के तहत तैयार हो रही यह नई व्यवस्था अवैध कब्जों, मनमानी और विवादों पर सीधा प्रहार करेगी।
🔴 अब हर वक्फ संपत्ति पर होगी प्रशासन की नज़र
नई नियमावली में जिलाधिकारियों की भूमिका बेहद अहम कर दी गई है।
सर्वे, सत्यापन और विवाद निपटान अब सीधे प्रशासन की निगरानी में होगा
पुराने रिकार्ड की दोबारा जांच होगी
अतिक्रमण वाले मामलों की विशेष जांच कर कार्रवाई तय होगी
📊 डिजिटल युग में वक्फ संपत्तियां
हर संपत्ति का डिजिटल सर्वे और रिकॉर्ड तैयार होगा
ऑनलाइन पोर्टल पर पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी
पारदर्शिता बढ़ेगी, गड़बड़ी की गुंजाइश घटेगी
⚖️ ट्रिब्यूनल के फैसलों पर भी अब होगी चुनौती
अब Waqf Tribunal के फैसले अंतिम नहीं होंगे।
हाईकोर्ट में अपील का रास्ता खुलेगा
एकतरफा फैसलों पर लगेगी रोक
💼 कमाई बढ़ाने पर सरकार का फोकस
लीज और किराया प्रणाली को बाजार आधारित बनाया जाएगा
बड़ी संपत्तियों से होने वाली आय का बेहतर उपयोग
बोर्ड को मिलने वाली हिस्सेदारी 7% से घटाकर 5% प्रस्तावित
🏛️ वक्फ बोर्ड में बड़ा बदलाव
अब चुनाव नहीं, सरकार करेगी सदस्यों का नामांकन
महिलाओं और गैर-मुस्लिम सदस्यों की भागीदारी बढ़ेगी
मुतवल्लियों के लिए शैक्षिक योग्यता अनिवार्य होगी
📜 सख्त नियम: बिना कागज नहीं मिलेगा वक्फ का दर्जा
अब केवल लिखित वक्फ डीड वाली संपत्तियां ही मान्य होंगी
मौखिक दावों पर रोक
पुराने मामलों की अलग से जांच
🔍 ऑडिट और निगरानी होगी कड़ी
सभी वक्फ संस्थानों का नियमित ऑडिट अनिवार्य
बड़े संस्थानों को ऑनलाइन अकाउंट अपडेट करना होगा
जरूरत पड़ने पर सरकार कर सकेगी विशेष ऑडिट
⚠️ सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन
नई नियमावली बनाते समय Supreme Court of India के निर्देशों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
सरकार का दावा है कि यह नई नियमावली वक्फ संपत्तियों में फैली अव्यवस्था को खत्म कर पारदर्शिता और जवाबदेही का नया अध्याय लिखेगी। वहीं, जानकार इसे एक बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक कदम मान रहे हैं, जिसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा।

