नई दिल्ली। प्रसिद्ध कथावाचक और विद्वान जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इस बयान को “दिवास्वप्न” करार देते हुए कहा कि भारत की सामाजिक, सांस्कृतिक और परंपरागत संरचना को देखते हुए यह कल्पना वास्तविकता से दूर है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भारत में कोई महिला प्रधानमंत्री बनेगी, तो वह साड़ी पहनने वाली महिला होगी, जो देश की परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करेगी।
उन्होंने आगे कहा कि भारत की पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी हुई है और नेतृत्व करने वाला व्यक्ति भी इन्हीं मूल्यों से जुड़ा होना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
गौरतलब है कि ओवैसी के बयान के बाद यह मुद्दा लगातार सियासी बहस का विषय बना हुआ है और विभिन्न वर्गों की ओर से इस पर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

