ओडिशा/नई दिल्ली: जिंदल स्टील ने मंगलवार को ओडिशा के अंगुल में अपनी 20,000 करोड़ रुपये से अधिक की विस्तार परियोजना के तहत 3 एमटीपीए क्षमता वाली बेसिक ऑक्सीजन फर्नेस (बीओएफ) चालू करने की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, नए बीओएफ की स्थापना के बाद संयंत्र की कच्चे इस्पात बनाने की क्षमता 60 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़कर 90 लाख टन प्रति वर्ष हो गई है।
कंपनी के चेयरमैन नवीन जिंदल ने कहा, ‘‘नया बीओएफ अब चालू हो गया है और पहली ऊष्मा का सफलतापूर्वक दोहन कर लिया गया है।’’ उन्होंने बताया कि बीओएफ गैसीय ऑक्सीजन का उपयोग करके पिघले हुए लोहे या गर्म धातु को इस्पात में बदलता है।
एक अलग मामले में, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को आरोप लगाया कि बीसी जिंदल समूह की कंपनियों और उनके प्रवर्तकों ने फर्जी लेनदेन के जरिए लगभग 505 करोड़ रुपये भारत से बाहर भेजे। एजेंसी ने दिल्ली में स्थित समूह के प्रवर्तक श्याम सुंदर जिंदल, उनके निदेशकों और अन्य पदाधिकारियों के 13 परिसरों पर 18-19 सितंबर को एफईएमए (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत छापेमारी की।
ईडी के अनुसार, समूह की इकाइयों, खासकर जिंदल इंडिया थर्मल पावर लिमिटेड (JITPL), जिंदल इंडिया पावरटेक लिमिटेड और जिंदल पॉली फिल्म्स लिमिटेड द्वारा विदेशी निवेश और अपनी विदेशी संस्थाओं में धन छुपाने तथा ‘राउंड ट्रिपिंग’ के लिए एफईएमए के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
एजेंसी ने कहा कि समूह का लाभकारी स्वामित्व श्याम सुंदर जिंदल, उनकी पत्नी शुभद्रा जिंदल और पुत्र भावेश जिंदल के पास है। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने 505.14 करोड़ रुपये भारत से बाहर अपनी विदेशी संस्था टोपाज एंटरप्राइज डीएमसीसी, दुबई के जरिए अन्य विदेशी संस्था गार्नेट एंटरप्राइज डीएमसीसी की शेयरधारिता हासिल करने के लिए भेजे।

