नई दिल्ली। लोकसभा में बजट बहस के बाद सियासी घमासान और तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा है कि वह विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण का सीधा जवाब दे। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए अहम सवालों का जवाब नहीं दिया।
वेणुगोपाल ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर संसदीय फुटेज के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि सदन स्थगित होने के बाद रिजिजू ने संसद की कार्यवाही का वीडियो ट्वीट किया, जो असंसदीय आचरण है। उनका कहना था कि संसदीय कार्य मंत्री का दायित्व सदन के सुचारू संचालन के लिए विपक्ष के साथ समन्वय करना होता है, लेकिन वे स्वयं विवाद खड़ा कर रहे हैं।
दरअसल, यह विवाद तब बढ़ा जब किरेन रिजिजू ने बयान दिया कि लोकसभा में राहुल गांधी ने सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ “निराधार और झूठे आरोप” लगाए हैं। रिजिजू ने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के खिलाफ सदन को गुमराह करने और आधारहीन बयान देने के आरोप में विशेषाधिकार नोटिस दाखिल करेगी।
रिजिजू ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाता है तो उसे पहले नोटिस देना और अपने आरोपों को प्रमाणित करना अनिवार्य होता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से सदन में अपने आरोपों को साबित करने का आग्रह किया है।
रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर “भारत और भारतीय हितों को बेचने” जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिनका कोई आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। साथ ही बिना पूर्व सूचना के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। बजट 2026-27 पर भाषण देने के बाद राहुल गांधी के सदन से बाहर जाने पर भी रिजिजू ने आपत्ति जताई और कहा कि भाजपा कांग्रेस नेता के “झूठ” का करारा जवाब देगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

