चेन्नई। प्रशंसकों के बीच “थलपति” के नाम से मशहूर C. Joseph Vijay ने रविवार को Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्य की राजनीति में इसे एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता Rahul Gandhi सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
कई दिनों तक चली राजनीतिक चर्चाओं और विभिन्न दलों के समर्थन के बाद विजय के नेतृत्व वाली टीवीके ने विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया। इसके साथ ही विजय वर्ष 1967 के बाद तमिलनाडु के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो न तो डीएमके और न ही एआईएडीएमके से जुड़े हैं। इससे राज्य में इन दोनों द्रविड़ दलों के दशकों पुराने राजनीतिक वर्चस्व का अंत हो गया है।

तमिल सिनेमा के बड़े सितारों में गिने जाने वाले 51 वर्षीय विजय का अभिनेता से मुख्यमंत्री तक का सफर हाल के वर्षों की सबसे चर्चित राजनीतिक कहानियों में शामिल हो गया है। विजय को 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन मिला, जबकि बहुमत के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़ तब आया जब कांग्रेस ने डीएमके से अपना गठबंधन तोड़ते हुए विजय की पार्टी का समर्थन करने का फैसला किया। कांग्रेस के अलावा कई अन्य दलों ने भी टीवीके को समर्थन दिया, जिनमें विदुथलाई चिरुथाइगल कच्ची (वीसीके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) शामिल हैं। हालांकि इन दलों ने विजय सरकार को समर्थन दिया है, लेकिन वे औपचारिक रूप से सरकार में शामिल नहीं हुए हैं।

तमिलनाडु के राज्यपाल Rajendra Vishwanath Arlekar ने सहयोगी दलों के समर्थन पत्र मिलने के बाद विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। राजभवन की ओर से जारी बयान के अनुसार विजय ने स्वयं को टीवीके विधायक दल का नेता चुने जाने की जानकारी राज्यपाल को दी।

