लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब उन्हें इस माह से 18,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने 230 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी कर दी है, जिसका भुगतान सीधे शिक्षामित्रों के बैंक खातों में पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल माह के मानदेय के लिए कुल 230 करोड़ 11 लाख 38 हजार रुपये जिलों को आवंटित किए गए हैं। यह राशि जिलों में कार्यरत शिक्षामित्रों की संख्या के आधार पर तय की गई है।
10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार हुआ मानदेय
हाल ही में जारी शासनादेश के तहत शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। यह बढ़ी हुई दर 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और साल में 11 माह तक मानदेय दिया जाएगा।
भुगतान को लेकर सख्त निर्देश
बेसिक शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि—
- मानदेय केवल उन्हीं शिक्षामित्रों को दिया जाए, जिन्हें वित्तीय वर्ष 2025-26 में समग्र शिक्षा के तहत भुगतान मिला था
- किसी नए या अपात्र व्यक्ति को इस मद से भुगतान न किया जाए
- समय से भुगतान सुनिश्चित किया जाए
हर माह देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी निर्देश दिया है कि—
- हर माह खर्च और शेष राशि का विवरण राज्य परियोजना कार्यालय (समग्र शिक्षा) को भेजा जाए
- प्रत्येक माह की 5 तारीख तक पोर्टल पर व्यय विवरण अपलोड करना अनिवार्य होगा
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों को आर्थिक राहत मिलेगी। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
(रिपोर्ट: टाइम्स ऑफ ताज ब्यूरो)

