आज महान कांग्रेसी नेता, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष स्वर्गीय श्री मोतीलाल वोरा जी की जयंती है।
मोतीलाल वोरा जी की राजनीति केवल पदों और पदाधिकारों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह संवेदनशीलता, सुलभता और भरोसे पर आधारित राजनीति थी। उनके लिए कार्यकर्ता महज़ संख्या नहीं, बल्कि संघर्ष का साथी और संगठन का अभिन्न परिवार हुआ करता था।
मेरा निजी अनुभव यही रहा कि उन्हें सूचना देने के बाद मुझे कभी भी दस–पंद्रह मिनट से अधिक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी। यह उनके व्यक्तित्व की सहजता और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान को दर्शाता है।
🫂 समर्पण के साथ संगठन को मज़बूत दिशा देने की कोशिशों के बावजूद
💔 सिस्टम से बाहर रहना
🗣️ यह पीड़ा अब बोझ नहीं रही—
यह दिशा और उत्तर माँग रही है।
मोतीलाल वोरा जी की जयंती केवल औपचारिक श्रद्धांजलि का अवसर नहीं है, बल्कि यह आज के कांग्रेस संगठन के लिए ईमानदार आत्ममंथन का समय भी है।
उनके मूल्यों को नमन।
उनकी राजनीति को स्मरण।
लेखक – अयाज़ खान अच्छू

