लखनऊ। प्रदेश में इस बार जनगणना का स्वरूप पूरी तरह बदलने जा रहा है। भारत की जनगणना के तहत पहली बार लोगों को स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा दी जा रही है, जिससे आम नागरिक खुद ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना निदेशालय के अनुसार, 7 मई से 21 मई तक लोग आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) पर लॉगिन करके अपने परिवार और सदस्यों से जुड़ी जानकारी भर सकते हैं। यह पहल डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
निदेशालय ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जानकारी सही, पूरी और सावधानीपूर्वक दर्ज करें, ताकि जनसंख्या के सटीक आंकड़े तैयार किए जा सकें। इसके लिए प्रदेशभर में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
स्वगणना पूरी करने के बाद हर परिवार को एक यूनिक स्वगणना आईडी दी जाएगी। यह आईडी आगे की जनगणना प्रक्रिया में बेहद महत्वपूर्ण होगी, इसलिए इसे सुरक्षित रखना आवश्यक है।
👉 डिजिटल जनगणना की यह पहल न सिर्फ समय की बचत करेगी, बल्कि नागरिकों को सीधे प्रक्रिया से जोड़कर आंकड़ों की विश्वसनीयता भी बढ़ाएगी।

