आगरा, सिलसिला-ए-अबुलउलाइया के संस्थापक हज़रत सैय्यदना अमीर अबुल उला अहरारी (रह.) के 387वें सालाना उर्स-ए-मुबारक के अवसर पर उनके दुर्लभ सूफी ग्रंथ ‘फ़ना व बक़ा’ का लोकार्पण 25 जुलाई को दोपहर 1 बजे आगरा में किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण आध्यात्मिक एवं शोधपरक ग्रंथ का अनुवाद, तखरीज, हाशिया और संपादन मौलाना सैय्यद शाह मोहम्मद रियान अबुलउलाई ने किया है। इसका प्रकाशन खानकाह सज्जादिया अबुलउलाइया, दानापुर, पटना (बिहार) द्वारा किया गया है।
खानकाह सज्जादिया अबुलउलाइया, दानापुर के सज्जादानशीन हज़रत हाजी सैय्यद शाह सैफुल्लाह अबुलउलाई ने कहा कि ‘फ़ना व बक़ा’ तसव्वुफ़ के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आध्यात्मिक रुचि रखने वालों के लिए एक अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि इस ग्रंथ के माध्यम से हज़रत सैय्यदना अमीर अबुल उला (रह.) की सूफी शिक्षाओं और आध्यात्मिक विचारों को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकेगा।
लोकार्पण समारोह में देशभर से उलेमा, सूफी संत, शोधकर्ता, बुद्धिजीवी और अकीदतमंदों के शामिल होने की संभावना है।

