लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Mulayam Singh Yadav के छोटे बेटे Prateek Yadav की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद King George’s Medical University में छह डॉक्टरों के पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने के कारण कार्डियक अरेस्ट हुआ, जिससे प्रतीक यादव की मौत हो गई। डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ नमूनों को सुरक्षित रखा है। साथ ही शरीर के कुछ अंगों (विसरा) को रासायनिक परीक्षण के लिए संरक्षित कर पुलिस को सौंप दिया गया है।
चिकित्सकों के मुताबिक, यह स्थिति “पल्मोनरी एम्बोलिज्म” कहलाती है। इसमें शरीर में बना खून का थक्का नसों के जरिए फेफड़ों की धमनियों तक पहुंच जाता है और वहां रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है। इसके कारण फेफड़ों तक ऑक्सीजन और खून का प्रवाह अचानक रुक सकता है, जो जानलेवा साबित होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, कैंसर, धूम्रपान, मोटापा और गंभीर चोट या ट्रॉमा से पीड़ित लोगों में पल्मोनरी एम्बोलिज्म का खतरा अधिक रहता है। चिकित्सा विज्ञान में फेफड़ों को शरीर का “दूसरा दिल” भी कहा जाता है।
फिलहाल पुलिस और चिकित्सकीय टीम विसरा रिपोर्ट तथा अन्य जांच रिपोर्टों का इंतजार कर रही है, जिसके बाद मौत के पूरे कारणों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।

