जनपद में मनाया गया पीएमएसएमए दिवस
उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों को चिन्हित कर किया संदर्भित
आगरा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस के अंतर्गत मंगलवार को जनपद की 47 स्वास्थ्य इकाइयों पर गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इस अवसर पर गर्भतियों को परामर्श के साथ आयरन व कैल्शियम की गोलियां भी दी गईं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि पीएमएसएमए का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल उपलब्ध कराकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया एक गंभीर समस्या है और इसे नियंत्रित करने के लिए चार बार हीमोग्लोबिन जांच कराना आवश्यक है। पीएमएसएमए दिवस पर एमबीबीएस चिकित्सक व स्त्रीरोग विशेषज्ञ द्वारा गर्भवती की जांच सुनिश्चित की जाती है। उन्होंने सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे प्रत्येक माह आयोजित होने वाले पीएमएसएमए दिवस में आकर अपनी प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराएं।
डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस से गर्भवती को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं प्रदान करने में मदद मिलती है और मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी सहायता मिलती है। इस वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 129478 गर्भवतियों ने पीएमएसएमए दिवस पर प्रसवपूर्व जांच कराई। जांच के दौरान 14944 उच्च जोखिम वाली गर्भवती को चिन्हित हुईं।
सभी को संदर्भित सभी को संदर्भित किया जा चुका है। एक अप्रैल 2026 से एक जून 2026 तक 13476 गर्भवतियों को पीएमएसएमए दिवस पर प्रसव पूर्व जांच की गई है, इनमें 1805 उच्च जोखिम वाली गर्भवती चिन्हित हुईं, इन सभी को संदर्भित किया जा चुका है।
जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता संगीता भारती ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस के दौरान गर्भवती का टीकाकरण, आयरन व कैल्शियम की गोलियों का वितरण, आयरन सुक्रोज, अल्ट्रासाउंड सहित, यूरिन, हीमोग्लोविन, शुगर, सिफलिस , वजन, पेट की जांच, हेपेटाइटिस बी, ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, सीबीसी और एचआईवी, टीबी की जांच की गई । इसके अलावा केंद्र पर आने वाले दंपति को बास्केट ऑफ च्वॉइस की सहायता से परिवार नियोजन के साधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। गर्भवती और तीमारदारों को परिवार नियोजन के साधनों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीवनीमंडी की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. मेघना शर्मा बताती हैं कि जीवनीमंडी केंद्र पर पीएमएसएमए दिवस पर 52 गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच हुई, जिनमें सात उच्च जोखिम वाली महिलाओं को चिन्हित कर संदर्भित किया गया। इस दौरान गर्भवतियों व उनके परिजनों को जन्म योजना और संस्थागत प्रसव से मिलने वाले लाभों के बारे में भी जानकारी दी।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहतोरा मोड़ की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीक्षा गौतम ने बताया कि पीएमएसएमए दिवस पर दहतोरा मोड केंद्र पर 16 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई, दो एचआरपी चिन्हित हुईं। उन्हें संदर्भित किया गया।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दहतोरा मोड़ के क्षेत्र में आने वाले तिलवारी कुंज निवासी 27 वर्षीय अफसाना बताती हैं कि मैं छह माह की गर्भवती हूँ। मैंने अपनी प्रसव पूर्व जांच करवाई तो डॉक्टर मैडम ने जांच के बाद बताया कि हमारे सभी जांच सामान्य आई हैं। उन्होंने नियमित आयरन और कैल्शियम की गोलियां खाने की सलाह दी है, साथ ही पौष्टिक आहार का सेवन करने और आराम करने की भी सलाह दी है। साथ ही कहा कि मैं सही मात्रा में पानी पियूं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। उन्होंने संस्थागत प्रसव करने के लाभों के बारे में जानकारी दी और कहा कि इससे मां और बच्चे दोनों की सेहत का ख्याल रखा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत इलाज मिल सकता है।

