श्री शीतल-प्रभा स्मृति सम्मान समारोह में मिला सम्मान, ₹11 हजार की सम्मान राशि भी प्रदान की गई
आगरा/लखनऊ। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के अंतरराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध विद्वान, भाषाविद् एवं चिंतक प्रो. उमापति दीक्षित को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित ‘भारत-भास्कर सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें लखनऊ स्थित बौद्ध शोध संस्थान, गोमतीनगर में आयोजित ‘श्री शीतल-प्रभा स्मृति सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन’ में प्रदान किया गया। इस अवसर पर उन्हें सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न के साथ ₹11,000 की सम्मान राशि भी भेंट की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संदेश में कहा कि साहित्य किसी भी सभ्यता की सांस्कृतिक चेतना का आधार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, साहित्यिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
यह समारोह संस्था की अध्यक्ष डॉ. शोभा त्रिपाठी तथा सचिव डॉ. सरला शर्मा ‘आसमां’ द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति को समर्पित किया गया। आयोजन में देशभर के साहित्यकारों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
समारोह में पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह, डॉ. हरिओम (आईएएस), रामकृष्ण स्वर्णकार (आईपीएस), अखिलेश निगम (आईपीएस), उग्रसेन धर द्विवेदी (आईएफएस), प्रो. हरिशंकर मिश्र, अमित मिश्रा, डॉ. राजीव शुक्ला तथा सीमा गुप्ता सहित अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे।
प्रो. उमापति दीक्षित को मिला यह सम्मान हिंदी भाषा, साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उनके दीर्घकालीन योगदान का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान माना जा रहा है। साहित्य और भाषा के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय सेवाओं के लिए यह उपलब्धि हिंदी जगत के लिए भी गौरव का विषय है।

